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आधार रिकॉर्ड में जम्मू-कश्मीर की जगह अब लद्दाख दर्ज

लद्दाख प्रशासन ने आधार रिकॉर्ड में ‘जम्मू-कश्मीर’ की जगह ‘लद्दाख’ दर्ज कर क्षेत्रीय पहचान को मजबूत किया, यह बदलाव उपराज्यपाल वीके सक्सेना के हस्तक्षेप के बाद संभव हुआ।

लद्दाख के निवासियों की क्षेत्रीय पहचान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने आधार रिकॉर्ड में बड़ा बदलाव किया है। अब आधार कार्ड के “स्टेट” कॉलम में ‘जम्मू और कश्मीर’ की जगह ‘लद्दाख’ दर्ज किया जाएगा।

यह बदलाव उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के हस्तक्षेप के बाद संभव हो पाया। लंबे समय से लद्दाख के लोग इस बात की मांग कर रहे थे कि उनकी अलग पहचान को आधिकारिक दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए। पहले आधार रिकॉर्ड में लद्दाख के निवासियों के पते में राज्य के रूप में ‘जम्मू और कश्मीर’ दर्ज होता था, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रहती थी।

प्रशासन के इस फैसले को क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं में स्पष्टता आएगी, बल्कि लद्दाख की विशिष्ट पहचान को भी मजबूती मिलेगी।

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अधिकारियों के अनुसार, आधार डेटा में यह संशोधन तकनीकी और प्रशासनिक समन्वय के बाद लागू किया गया है। संबंधित विभागों ने सुनिश्चित किया है कि यह बदलाव सभी नए और मौजूदा रिकॉर्ड में परिलक्षित हो।

लद्दाख को वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद एक अलग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया था। इसके बावजूद कई सरकारी दस्तावेजों में पुरानी जानकारी बनी हुई थी, जिसे अब धीरे-धीरे सुधारा जा रहा है।

यह कदम डिजिटल पहचान प्रणाली को अधिक सटीक बनाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। साथ ही, इससे स्थानीय निवासियों को सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने में भी सुविधा होगी।

प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में भी ऐसे सुधार जारी रहेंगे ताकि नागरिकों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं मिल सकें।

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