लालू यादव की लैंड-फॉर-जॉब्स मामले में CBI FIR रद्द करने की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू यादव की लैंड-फॉर-जॉब्स मामले में सीबीआई एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज की; जांच अब भी जारी रहेगी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को लालू प्रसाद यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने लैंड-फॉर-जॉब्स मामले में दर्ज सीबीआई एफआईआर को रद्द करने का अनुरोध किया था। यह फैसला आरजेडी प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू यादव के लिए बड़ा झटका है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि याचिका “अधिकारहीन और आधारहीन” है और इसमें कोई ठोस सबूत नहीं हैं। अदालत ने सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर रद्द करने के अनुरोध को खारिज कर दिया। इस मामले में आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रेलवे में नौकरियों के बदले ज़मीन के टुकड़े लिए गए। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है, जिसमें कई आरोपियों और भर्ती में कथित अनियमितताओं का मामला शामिल है।
लालू यादव को हाईकोर्ट के इस फैसले से कोई राहत नहीं मिली है और मामले में जांच जारी रहेगी।
और पढ़ें: करूर स्टैम्पी्ड मामले में CBI ने TVK प्रमुख विजय को 15 मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया
लैंड-फॉर-जॉब्स मामला:
यह मामला भारतीय रेलवे के वेस्ट सेंट्रल जोन, मुख्यालय जबलपुर, मध्य प्रदेश में समूह डी की नियुक्तियों से संबंधित है। लालू यादव के रेल मंत्री पद (2004-2009) के दौरान कथित तौर पर ये नियुक्तियां उन ज़मीन के टुकड़ों के बदले की गई थीं जो या तो उनके परिवार के सदस्यों या करीबी सहयोगियों के नाम किए गए थे।
लालू यादव ने तर्क दिया कि जांच, एफआईआर और चार्जशीटें कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं हैं, क्योंकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत पूर्व मंजूरी का अभाव था।
यह मामला 18 मई 2022 को लालू यादव और अन्य कई आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया था, जिसमें उनकी पत्नी, दो बेटियां, कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारी और निजी व्यक्ति शामिल हैं। 77 वर्षीय लालू यादव और अन्य आरोपी वर्तमान में जमानत पर हैं।