कुमारम भीम आसिफाबाद के आदिवासी गांव में AI-सहायता वाले उपकरणों से शिक्षा और स्वास्थ्य में बदलाव
कुमारम भीम आसिफाबाद के लिम्बुगुड़ा गांव में पीएम-जनमन योजना के तहत स्थापित मल्टीपर्पज सेंटर AI-सहायता वाले उपकरणों से शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण में बदलाव ला रहा है।
तेलंगाना के कुमारम भीम आसिफाबाद जिले के दूरदराज के पहाड़ी इलाके में लिम्बुगुड़ा नामक छोटा आदिवासी गांव स्थित है। यह गांव विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह (PVTG) का हिस्सा है और यहां केवल 40 कोलम परिवार रहते हैं। लेकिन यह छोटा गांव अब आधुनिक तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव का केंद्र बन गया है।
गांव में पीएम-जनमन योजना के तहत स्थापित मल्टीपर्पज सेंटर (Multipurpose Centre, MPC) एआई-सहायता वाले उपकरणों का उपयोग कर बच्चों की शिक्षा को सुदृढ़ बना रहा है। यह सेंटर न केवल पढ़ाई में मदद करता है, बल्कि स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को भी प्रदान करता है। इसके माध्यम से युवाओं और बच्चों के बीच नई आकांक्षाओं और सोच का विकास हो रहा है।
लिम्बुगुड़ा, जो तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से लगभग 320 किलोमीटर दूर उत्तर-पूर्व में स्थित है, वांकिड़ी मंडल के आदिवासी हृदय क्षेत्र में पहाड़ियों से घिरा हुआ है और महाराष्ट्र की सीमा के पास आता है। इस क्षेत्र का भूगोल कठिन है, लेकिन मल्टीपर्पज सेंटर और एआई तकनीक ने इसे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
गांव के बच्चे अब डिजिटल लर्निंग टूल्स का उपयोग कर नई तकनीकों और विषयों में दक्ष हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पहल केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक विकास में भी बदलाव ला रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लिम्बुगुड़ा की यह पहल आदिवासी और पिछड़े इलाकों के विकास के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है। छोटे गांव में एआई-सहायता वाले उपकरणों का प्रयोग दिखाता है कि सही दिशा और तकनीकी सहायता के साथ सीमित संसाधनों वाले क्षेत्र भी बड़ी तरक्की कर सकते हैं।
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