लोकसभा में ई-सिगरेट इस्तेमाल पर स्पीकर ने कड़ी सजा से इनकार नहीं किया
लोकसभा में ई-सिगरेट के कथित इस्तेमाल पर स्पीकर ओम बिरला ने कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए, कहा कि संसद की गरिमा से कोई समझौता नहीं होगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार (12 जनवरी, 2025) को सदन में ई-सिगरेट के कथित इस्तेमाल को लेकर “उदाहरणात्मक सजा” की संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखना किसी भी स्थिति में समझौता योग्य नहीं है।
यह मामला उस समय सामने आया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष को एक शिकायत भेजी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक सांसद कार्यवाही के दौरान सदन के भीतर खुलेआम ई-सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे थे, जबकि देशभर में इस तरह के उपकरणों पर प्रतिबंध है।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए ओम बिरला ने कहा, “सदन की पवित्रता को कम करने का किसी को अधिकार नहीं है।” उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई के लिए इसे सदन की उपयुक्त समिति के पास भेजा जाएगा।
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लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि समिति की सिफारिशों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम समिति की सिफारिश पर ही कदम उठाएंगे। सदन में हर किसी को मर्यादा बनाए रखनी होगी। कोई सदस्य अपनी सदस्यता भी गंवा सकता है। किसी को भी सदन की गरिमा गिराने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा कि संसद के नियम और प्रक्रियाएं स्पष्ट हैं और सदन में अनुशासन बनाए रखना हर सदस्य की जिम्मेदारी है। जो भी सदस्य मर्यादा का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्पीकर के इस बयान को संसद में अनुशासन और नियमों के पालन को लेकर एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब संसद की कार्यवाही के दौरान आचरण और शिष्टाचार को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
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