40 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर शिवालिक जहाज़ होर्मुज जलडमरूमध्य से निकला, भारतीय नौसेना कर रही सुरक्षा
40 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर ‘शिवालिक’ जहाज़ होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय नौसेना की सुरक्षा में भारत के लिए रवाना हुआ। भारत-ईरान वार्ता के बाद जहाज़ों की आवाजाही संभव हो सकी।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लगभग 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर शिवालिक जहाज़ होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल चुका है और भारतीय तट की ओर बढ़ रहा है। सूत्रों के अनुसार यह जहाज़ करीब सात दिनों में भारत पहुंचने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि इस जहाज़ को भारतीय नौसेना की सुरक्षा में होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकाला गया है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले जहाज़ों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी।
सूत्रों के मुताबिक भारत और ईरान के बीच कई दौर की सरकारी बातचीत के बाद जहाज़ों की आवाजाही को लेकर सहमति बनी है। हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसू़द पेज़ेश्कियन के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी।
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दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इसके चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही पर कुछ प्रतिबंध लगा दिए थे। यह जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है।
हालांकि भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं है और कुछ जहाज़ अब भी गुजर रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि ‘शिवालिक’ के बाद एक और जहाज़ भी जल्द ही इस मार्ग से निकलकर भारत पहुंचेगा। इस घटनाक्रम को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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