एलपीयू हिंसा में बड़ी साजिश का दावा, अशोक मित्तल ने पाकिस्तान का किया जिक्र
एलपीयू हिंसा मामले में पांच गिरफ्तारियां हुई हैं। अशोक मित्तल ने घटना को पंजाब को अस्थिर करने की कथित साजिश बताया और पाकिस्तान कनेक्शन की जांच की मांग की।
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में पिछले रविवार हुई तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। एलपीयू के संस्थापक-कुलपति और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने इस घटना को पंजाब को अस्थिर करने की बड़ी साजिश का हिस्सा होने की आशंका जताई है।
मित्तल ने कहा कि सोशल मीडिया पर एक छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसके बाद आत्महत्या की झूठी अफवाह फैलाए जाने के बाद प्रदर्शन शुरू हुए। बाद में प्रदर्शन हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी में बदल गए। इस दौरान जलंधर-फगवाड़ा राजमार्ग का एक हिस्सा भी बाधित हुआ। प्रदर्शनकारी कथित पीड़िता, घटना की जगह या किसी लिखित शिकायत से जुड़ी ठोस जानकारी नहीं दे सके।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों में अभि, गगन उर्फ काला और जेम्स दहिया के नाम बताए हैं। फगवाड़ा के पुलिस अधीक्षक मेजर सिंह के अनुसार, गिरफ्तारियां सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई हैं। हालांकि, पुलिस ने प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका का खुलासा नहीं किया है।
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अशोक मित्तल ने कहा कि यह घटना केवल एलपीयू या उनके खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे पंजाब को अस्थिर करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने पंजाब की पाकिस्तान से लगती सीमा का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान किसी न किसी रूप में देश की शांति को प्रभावित करने की कोशिश करता रहा है। उन्होंने मामले की गहन जांच की मांग की।
मित्तल ने राजपुरा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में हुई एक समान घटना का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों मामलों में सोशल मीडिया और रेडिट के इस्तेमाल का कथित तौर पर समान पैटर्न दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि घटना ने पंजाब की सुरक्षा और कारोबारी माहौल को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।