लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन ने विधानसभाओं में व्यवधान पर जताई चिंता – लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि पर पड़ता है असर
लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन ने विधानसभाओं में व्यवधान पर चिंता जताई, सार्थक बहस और डिजिटल पहल से लोकतंत्र की पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया।
बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि विधायिका लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण संस्था है और विधानसभाओं में व्यवधान और अव्यवस्थित व्यवहार के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवधान लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
ओम बिड़ला ने कहा कि विधायिकाओं में गरिमा और शिष्टाचार का स्तर घटता जा रहा है। उन्होंने विधायक सभा में सार्थक बहस और रचनात्मक आलोचना की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बहस और विमर्श से ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति और जिम्मेदारी झलकती है।
राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह ने इस मौके पर भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के उदाहरण को उद्धृत करते हुए स्वस्थ बहस और विचार विमर्श की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुराने उदाहरण दिखाते हैं कि कैसे गंभीर और संतुलित बहस से लोकतंत्र सशक्त बनता है।
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बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस के अवसर पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने बिहार विधानमंडल के लिए ‘नेवा (राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन) डिजिटल हाउस’ का उद्घाटन भी किया। इस पहल के तहत अब लोग बिहार की द्विसदनीय विधानसभा की कार्यवाही को ऑनलाइन और लाइव देख सकेंगे।
इस कदम का उद्देश्य लोकतंत्र के प्रति लोगों की भागीदारी बढ़ाना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। बिड़ला ने कहा कि डिजिटल माध्यम से नागरिक सीधे विधानमंडल की गतिविधियों का अवलोकन कर सकते हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अधिक सक्रिय रूप से शामिल हो सकते हैं।
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