भारत ने ऐसा डिजिटल सिस्टम बनाया, जैसा दुनिया में किसी और ने नहीं किया: मैक्रॉन की सराहना
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भारत के डिजिटल उन्नति की सराहना की, विशेषकर 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान और भुगतान प्रणाली की उपलब्धियों को।
भारत में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भारत की डिजिटल छलांग की सराहना करते हुए इसे दुनिया के लिए एक अद्वितीय मॉडल बताया। उन्होंने कहा, "भारत ने ऐसा कुछ बनाया है, जो किसी और देश ने नहीं किया। 1.4 अरब लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान। एक भुगतान प्रणाली जो अब हर महीने 20 बिलियन लेन-देन को प्रोसेस करती है। एक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर जो 500 मिलियन डिजिटल स्वास्थ्य आईडी जारी कर चुका है।"
मैक्रॉन ने भारत के डिजिटल इकोसिस्टम को "इंडिया स्टैक ओपन इंटरऑपरेबल सोवरेन" के रूप में परिभाषित किया, और इसे समिट के मुख्य विषय के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, "हम स्पष्ट रूप से एक बड़ी गति से शुरुआत कर रहे हैं, और आपने इसे अपनी प्रस्तुतियों के दौरान सही तरीके से वर्णित किया है।"
उन्होंने भारत के भुगतान प्रणाली की भी सराहना की और कहा कि भारत ने 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान बनाई, जो दुनिया के अन्य देशों के लिए एक मिसाल बन चुका है।
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भारत में अपनी 2024 की राज्य यात्रा के बाद AI समिट में लौटने पर मैक्रॉन ने भारतवासियों का आभार व्यक्त किया और समिट में शानदार स्वागत के लिए धन्यवाद कहा।
मैक्रॉन का यह बयान भारत की डिजिटल क्रांति को वैश्विक स्तर पर मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, और यह भारत के तकनीकी विकास और नवाचार को दुनिया के सामने उजागर करता है।
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