ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की
मध्य प्रदेश सरकार ने ट्विशा शर्मा दहेज मृत्यु मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की है। परिवार ने निष्पक्ष जांच और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताई है।
मध्य प्रदेश सरकार ने मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की सिफारिश की है। शुक्रवार को गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया कि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए औपचारिक सहमति दे दी है।
दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत राज्य सरकार ने सीबीआई को पूरे मध्य प्रदेश में इस मामले की जांच का अधिकार प्रदान किया है। गृह विभाग की सचिव कृष्णावेणी देशावतु द्वारा हस्ताक्षरित आदेश की प्रतियां केंद्रीय और राज्य स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई हैं ताकि जांच प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा सके।
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। 33 वर्षीय अभिनेत्री के परिवार ने आरोप लगाया कि दहेज प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। वहीं ससुराल पक्ष का दावा है कि ट्विशा नशे की आदी थीं।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 80(2), 85 और 3(5) तथा दहेज निषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले में पति समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को नामजद किया गया है।
पुलिस ने फरार समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है और उनका पासपोर्ट रद्द कराने के लिए अदालत का रुख किया है।
इस बीच ट्विशा शर्मा के परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना के तुरंत बाद आरोपी गिरिबाला सिंह ने कई प्रभावशाली लोगों को फोन किए थे। परिवार ने दावा किया कि इनमें आईएएस, आईपीएस अधिकारी, न्यायाधीश, डॉक्टर और वकील शामिल थे। परिवार ने सीसीटीवी और डिजिटल सबूतों से जुड़े लोगों से हुई बातचीत पर भी सवाल उठाए हैं और स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच की मांग की है।
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