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मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चिकित्सा रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने रामनाथपुरम की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत मामले में राज्य सरकार को चिकित्सा रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया। गलत इलाज का आरोप लगाया गया है।

मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने सोमवार को तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया कि वह रामनाथपुरम जिले में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को दिए गए उपचार से संबंधित पूरे चिकित्सा रिकॉर्ड अदालत में प्रस्तुत करे। मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि गलत इलाज के कारण उसकी मौत हुई।

यह मामला न्यायमूर्ति की पीठ के समक्ष उस समय आया जब पलक्करई निवासी के. मुनियासामी ने याचिका दायर की। याचिकाकर्ता ने बताया कि उनकी पत्नी तमिलसेल्वी (35 वर्ष) परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य थीं और उनके इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई।

याचिका में मांग की गई कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इलाज के दौरान कोई चिकित्सकीय गलती या लापरवाही हुई है या नहीं।

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सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि याचिकाकर्ता को अभी तक अपनी पत्नी का शव नहीं मिला है। इस पर अदालत ने निर्देश दिया कि उन्हें शव सौंपा जाए ताकि वे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर सकें।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट और सभी मेडिकल दस्तावेज पेश करने को कहा है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

परिवार का कहना है कि तमिलसेल्वी को सही समय पर उचित इलाज नहीं मिला, जिसके चलते उनकी हालत बिगड़ती गई और अंततः उनकी मृत्यु हो गई। वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

यह मामला अब न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है और अगली सुनवाई में मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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