महाराष्ट्र में मराठी नहीं सीखने वाले ऑटो-टैक्सी चालकों पर होगी कार्रवाई: परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक
महाराष्ट्र में मराठी सीखने को लेकर सरकार सख्त हो गई है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि भाषा सीखने से इनकार करने वाले ऑटो-टैक्सी चालकों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को कहा कि मराठी सीखने से इनकार करने वाले ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के खिलाफ कानून के दायरे में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे चालकों के रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगी, जो खुले तौर पर मराठी सीखने से इनकार कर रहे हैं।
सरनाईक ने बताया कि राज्य में ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने का अभियान पिछले 105 दिनों से चल रहा है। इस दौरान करीब 1.65 लाख चालकों ने मराठी सीखी और प्रमाणपत्र हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से महाराष्ट्र आने वाले लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलते रहेंगे, लेकिन राज्य की भाषा मराठी को बढ़ावा देना जरूरी है।
मंत्री ने कहा कि कुछ चालकों ने वीडियो जारी कर मराठी सीखने से इनकार किया है और सरकार को चुनौती दी है। ऐसे व्यवहार को सरकार गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी चालक को एक महीने का नोटिस देने और उसके बाद तीन महीने तक लाइसेंस निलंबित करने के बावजूद वह मराठी नहीं सीखता है, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
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सरनाईक के मुताबिक, 20 अगस्त से अनिवार्य बैज जारी करते समय चालकों की मराठी बोलने की क्षमता की जांच की जाएगी। जांच में सफल होने के बाद ही बैज जारी किया जाएगा। आरटीओ की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम भी अचानक जांच करेगी और इन कार्रवाइयों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, करीब 7,750 ऑटो-रिक्शा चालक मराठी दक्षता परीक्षा में असफल हुए हैं। वहीं, 25 हजार से अधिक चालक अभी तक सरकारी मराठी प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रमाणपत्र हासिल नहीं कर सके हैं।
राज्य सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी सीखने की अंतिम तारीख 15 अगस्त 2026 निर्धारित की थी। सरनाईक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस समयसीमा में कोई और विस्तार नहीं किया जाएगा।
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