छात्रों को झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देने वाला पुलिसकर्मी हटाया गया, जांच शुरू
महाराष्ट्र में छात्रों को झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देने वाले पुलिसकर्मी को हटा दिया गया। गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने कार्रवाई और जांच की जानकारी दी।
महाराष्ट्र में प्रदर्शनकारी छात्रों को कथित रूप से झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। राज्य के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने गुरुवार को बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मी को ड्यूटी से हटा दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
गृह राज्यमंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता योगेश कदम ने कहा कि संबंधित पुलिस कॉन्स्टेबल और वाहन चालक का व्यवहार पूरी तरह अनुचित था। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और उचित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्रों और आम नागरिकों से जुड़े मामलों को लेकर संवेदनशील है।
योगेश कदम ने बताया कि बुधवार तक पूरे महाराष्ट्र में करीब 90 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों की ओर से कई इलाकों में बंद का आह्वान भी किया गया था। उन्होंने आशंका जताई कि छात्रों के आंदोलन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व शामिल हो सकते हैं। इसलिए सरकार और पुलिस सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
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डिजिटल निगरानी के आरोपों को नकारा
प्रदर्शनकारियों को डिजिटल नोटिस भेजने और उनकी लोकेशन ट्रैक करने के आरोपों पर योगेश कदम ने कहा कि इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी की अवैध निगरानी नहीं कर रही है। जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनके खिलाफ केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कांग्रेस ने वीडियो साझा कर उठाए सवाल
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच की मांग की थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि वीडियो में एक पुलिसकर्मी छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने पर झूठे ड्रग्स मामलों में फंसाने की धमकी देता दिखाई दे रहा है।
मुंबई कांग्रेस ने कहा कि यदि वीडियो सही है तो यह छात्रों को डराने की कोशिश के साथ-साथ लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। पार्टी ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान संवाद और जवाबदेही के जरिए किया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को डराने के लिए इस तरह की धमकियां दी जा रही हैं और पूछा कि यदि पुलिस झूठे मामले बनाएगी तो कथित मादक पदार्थ कहां से लाएगी।