महाराष्ट्र: सीमावर्ती इलाकों में तैनात जवानों के लिए भेजी गईं दगडूशेठ गणपति की प्रतिमाएं, दूर पोस्टिंग पर भी गूंजेगा गणेशोत्सव
महाराष्ट्र के पुणे स्थित प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति की प्रतिमाओं की प्रतिकृतियां सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में तैनात सेना की इकाइयों को भेजी गई हैं।
महाराष्ट्र के पुणे स्थित प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति की प्रतिमाओं की प्रतिकृतियां इस वर्ष सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में तैनात भारतीय सेना के जवानों के लिए भेजी गई हैं। इसका उद्देश्य देश की सुरक्षा में दूरदराज के इलाकों में तैनात सैनिकों को भी गणेशोत्सव के दौरान घर जैसा माहौल और धार्मिक उत्सव की अनुभूति कराना है।
हर साल महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में गणेशोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हालांकि, सीमावर्ती और दूरदराज के क्षेत्रों में तैनात जवानों के लिए अपने परिवार और स्थानीय उत्सवों से दूर रहना पड़ता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए पुणे के प्रसिद्ध दगडूशेठ गणपति मंदिर की प्रतिमाओं की प्रतिकृतियां सेना की विभिन्न इकाइयों तक पहुंचाई जा रही हैं। इन प्रतिमाओं के जरिए जवान अपनी ड्यूटी के दौरान गणेशोत्सव को श्रद्धा और उत्साह के साथ मना सकेंगे।
सीमावर्ती इलाकों में तैनात सैनिक अक्सर कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में त्योहारों के अवसर पर घर और परिवार से जुड़ी भावनाओं को उनके करीब लाने की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दगडूशेठ गणपति पुणे की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का एक प्रमुख हिस्सा हैं। हर वर्ष यहां गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अब इसी प्रसिद्ध गणपति की प्रतिकृतियां देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के बीच भी पहुंच रही हैं।
इस पहल से जवानों को अपने घर-परिवार और महाराष्ट्र की गणेशोत्सव परंपरा की यादों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह संदेश भी जाएगा कि देश की रक्षा में तैनात सैनिक त्योहार के दौरान भी देशवासियों की भावनाओं और शुभकामनाओं से जुड़े हुए हैं।
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