×
 

महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी परीक्षा अनिवार्य, मीरा-भायंदर से जांच अभियान शुरू

महाराष्ट्र सरकार ने मीरा-भायंदर से ऑटो-टैक्सी चालकों के दस्तावेजों की जांच शुरू की और मराठी भाषा परीक्षा अनिवार्य की, अनियमितताओं पर रोक के लिए राज्यभर में लागू होगी।

महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए एक बड़ा सत्यापन अभियान शुरू किया है। इस पहल की शुरुआत मीरा-भायंदर क्षेत्र से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है, जिसमें ड्राइवरों के परमिट, डोमिसाइल सर्टिफिकेट और मराठी भाषा ज्ञान की जांच की जा रही है।

इस अभियान के तहत मीरा रोड और भायंदर में कार्यरत 12,000 से अधिक ड्राइवरों के दस्तावेजों की चरणबद्ध तरीके से समीक्षा की जा रही है। साथ ही, सभी चालकों को मराठी भाषा की लिखित और मौखिक परीक्षा देनी होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे पढ़ने, लिखने और बोलने में सक्षम हैं।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बताया कि यह कदम बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता की शिकायत के बाद उठाया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सूचित किया था कि बिना उचित जांच के नए प्रवासियों को लाइसेंस और परमिट दिए जा रहे हैं।

और पढ़ें: DGCA ने लंबी दूरी की उड़ानों के लिए पायलट ड्यूटी समय नियमों में दी अस्थायी छूट

मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 2.8 लाख ऑटो रिक्शा और 20,000 टैक्सी परमिट हैं, जिनसे करीब 5 लाख ड्राइवर जुड़े हैं। वहीं, पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में यह संख्या करीब 4 लाख तक पहुंचती है।

यह सत्यापन अभियान 1 मई (महाराष्ट्र दिवस) तक चलेगा। इसके बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। रिपोर्ट के आधार पर यह व्यवस्था पूरे राज्य में लागू की जा सकती है।

नियमों के अनुसार, डोमिसाइल प्रमाणपत्र केवल उन्हीं को मिलता है जो 15 वर्षों से महाराष्ट्र में रह रहे हैं। यदि कोई चालक मराठी परीक्षा में असफल होता है, तो उसका लाइसेंस या परमिट निलंबित किया जा सकता है।

और पढ़ें: केरल चुनाव 2026: केसी वेणुगोपाल ने सीएम पिनाराई विजयन को लिखा पत्र, भाजपा के साथ सहमति पर सवाल उठाए

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share