महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण के संकेत? भाजपा के विनोद तावड़े के साथ कार में दिखीं सुप्रिया सुले
सुप्रिया सुले और भाजपा नेता विनोद तावड़े के साथ कार में नजर आने से महाराष्ट्र में राजनीतिक अटकलें तेज हुईं। एनसीपी-एसपी के एनडीए में जाने की चर्चा है।
महाराष्ट्र में नए राजनीतिक समीकरण की अटकलें तेज
महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल होने की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। बुधवार रात दिल्ली में एनसीपी-एसपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को एक ही कार में जाते हुए देखा गया। इसके बाद दोनों दलों के बीच संभावित राजनीतिक समझौते को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
संसद परिसर से सामने आए एक वीडियो में सुप्रिया सुले और विनोद तावड़े आपस में बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद दोनों नेता एक ही वाहन से रवाना हुए। पिछले कुछ दिनों से एनसीपी-एसपी और भाजपा के नेताओं के बीच लगातार मुलाकातों ने इन अटकलों को और हवा दी है। हालांकि, दोनों दल इन मुलाकातों को सामान्य बताते हुए किसी बड़े राजनीतिक बदलाव से इनकार करते रहे हैं।
कुछ दिन पहले एनसीपी-एसपी के सभी आठ लोकसभा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। पार्टी ने इस बैठक को राजनीतिक गठजोड़ से जोड़ने से इनकार करते हुए कहा था कि सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और महाराष्ट्र के किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
एनसीपी-एसपी नेता अमोल खोंले ने बताया था कि सांसदों ने रेलवे से जुड़े मुद्दे भी प्रधानमंत्री के सामने रखे। उन्होंने पुणे-नासिक सेमी-हाईस्पीड रेल परियोजना और किसानों की कर्जमाफी जैसे विषयों का भी उल्लेख किया।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में सुप्रिया सुले की बेटी रेवती के विवाह समारोह में भी हिस्सा लिया। इसके बाद एनसीपी-एसपी और भाजपा के बीच संभावित नजदीकी को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
सूत्रों के अनुसार, एनसीपी-एसपी के एनडीए में शामिल होने के दो संभावित विकल्पों पर चर्चा है। पहला विकल्प भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में अलग पार्टी के रूप में शामिल होना और दूसरा सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में विलय करके एनडीए में जाना बताया जा रहा है।
हालांकि, एनसीपी-एसपी नेतृत्व ने सत्ता पक्ष के साथ जाने की खबरों को खारिज किया है। सुप्रिया सुले ने परिसीमन विधेयक को लेकर कहा था कि यदि सभी राज्यों में सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान किया जाता है और यह जनता के हित में होता है, तो पार्टी इस पर विचार कर सकती है।