महाराष्ट्र SIR: ड्राफ्ट मतदाता सूची से 2.06 करोड़ नाम क्यों हुए बाहर? जानिए प्रमुख वजहें
महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 2.06 करोड़ मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं। निर्वाचन आयोग ने इसके पीछे स्थानांतरण, मृत्यु, दोहरे पंजीकरण और फॉर्म जमा न करने जैसी वजहें बताई हैं।
महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद जारी पहली ड्राफ्ट मतदाता सूची में 2 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आंकड़ों के अनुसार, पुनरीक्षण से पहले राज्य में 9,78,54,049 पंजीकृत मतदाता थे। अब जारी ड्राफ्ट सूची में 7,71,65,562 मतदाताओं के नाम हैं।
इस तरह करीब 2,06,88,487 मतदाता, यानी कुल पुराने मतदाताओं के 21.14 प्रतिशत नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। सूची में 3,95,89,905 पुरुष, 3,75,72,570 महिलाएं और 3,087 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।
नाम हटने की प्रमुख वजहें
निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, कई मतदाता अपने पंजीकृत पते पर सत्यापन के दौरान नहीं मिले। कुछ मतदाता अपने पुराने पते से दूसरे स्थान पर चले गए हैं, जबकि कुछ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है।
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इसके अलावा कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक जगह पंजीकृत पाया गया। ऐसे दोहरे पंजीकरण वाले नामों को भी ड्राफ्ट सूची से हटाया गया है। कई मतदाताओं ने गणना फॉर्म भरकर जमा नहीं किया या विभिन्न कारणों से उनका फॉर्म जमा नहीं हो सका। इन कारणों से भी नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए।
30 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका
ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के साथ प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है। जिन मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं, वे 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के पास आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया जा सकता है।
महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों के लिए 288 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इनके साथ 7,000 से अधिक सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में लगाए गए हैं।
दावे, आपत्तियों और नोटिस से जुड़ी प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक पूरी की जाएगी। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
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