महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक में बड़ा खुलासा, जूते की इनसोल में छिपाकर निकाले थे प्रश्नपत्र
महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में चार्जशीट के अनुसार प्रश्नपत्र जूतों की इनसोल में छिपाकर आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाले गए। पुलिस ने 18 आरोपियों को नामजद किया।
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले में ठाणे पुलिस की करीब 3,500 पन्नों की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, आगरा की प्रिंटिंग प्रेस से दो कर्मचारियों ने जूतों की इनसोल में छिपाकर प्रश्नपत्र बाहर निकाले थे। इसके बदले उन्हें केवल 8 हजार रुपये दिए गए थे।
भिवंडी की स्थानीय अदालत में शुक्रवार को दाखिल चार्जशीट में 18 आरोपियों के नाम हैं। इनमें कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, 16 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अशोक साव और प्रकाश मिसाल फरार हैं। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस पूरक चार्जशीट भी दाखिल करेगी।
पुलिस के अनुसार, 28 जून को होने वाली परीक्षा से एक दिन पहले मामले का खुलासा हुआ। पुलिस उपायुक्त (जोन-2) पवन बंसोड़ को सूचना मिली थी कि तीन लोग भिवंडी के एक व्यक्ति को परीक्षा के प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद कोंगांव इलाके में पुलिस ने डमी कर्मचारियों की मदद से जाल बिछाया और संदिग्धों को हिरासत में लेकर प्रश्नपत्रों के चार सेट बरामद किए। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों ने जांच के बाद पुष्टि की कि बरामद सामग्री वास्तविक प्रश्नपत्रों से मेल खाती है।
और पढ़ें: एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा रद्द, पेपर लीक मामले का खुलासा; गुप्त सूचना से शुरू हुई जांच
चार्जशीट के अनुसार, पेपर लीक का स्रोत आगरा स्थित माहिम पत्रन प्राइवेट लिमिटेड प्रिंटिंग प्रेस था, जहां गोपनीय टीईटी सामग्री छापी जा रही थी। 15 से 17 जून के बीच दो कर्मचारियों और एक पूर्व कर्मचारी ने मुड़े हुए प्रश्नपत्र जूतों की इनसोल में छिपाए। सुरक्षा जांच में कपड़ों की तलाशी ली जाती थी, लेकिन जूतों की नहीं।
पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता और परीक्षा में अनुचित साधनों से संबंधित महाराष्ट्र के कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है। एसआईटी जांच कर रही है।
और पढ़ें: उत्तर कोरिया ने परमाणु दर्जे को बताया अपरिवर्तनीय, IAEA के प्रस्ताव को किया खारिज