टीएमसी में बगावत के बीच ममता बनर्जी का सख्त संदेश, कहा- कार्यकर्ताओं को बैठकें करने की अनुमति नहीं
टीएमसी में जारी बगावत के बीच ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को बिना अनुमति बैठकें नहीं करने की हिदायत दी और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक संकट के बीच पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं को किसी भी तरह की बैठक करने की अनुमति नहीं है और सभी को पार्टी अनुशासन का पालन करना होगा।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से डराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को कथित तौर पर धमकी दी जा रही है कि यदि वे "सेटिंग" नहीं करेंगे तो उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग उसके इशारों पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में पार्टी छोड़ने वाले एक नेता ने उन्हें पहले ही संदेश भेजकर बताया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके परिवार को तलब किया है। ममता ने कहा कि उसी समय उन्हें स्थिति का आभास हो गया था और संबंधित नेता को सभी संगठनात्मक पदों से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा, "जिसे जाना है, वह चला जाए। जो लोग पार्टी में रहेंगे, वही मेरी असली सेना हैं। मैं 1997 में नई शुरुआत कर चुकी हूं और जरूरत पड़ी तो 2026 में भी नए सिरे से शुरुआत कर सकती हूं।"
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यह बयान ऐसे समय आया है जब टीएमसी के वरिष्ठ विधायक मदन मित्रा ने पार्टी छोड़कर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट का दामन थाम लिया है।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि मदन मित्रा के परिवार को ईडी का समन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि जो नेता कुछ दिन पहले तक ऋतब्रत बनर्जी की आलोचना कर रहे थे, वे अब उन्हीं के साथ खड़े हैं।
वहीं टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता और पार्टी कार्यकर्ता आज भी ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डायमंड हार्बर में टीएमसी लीगल सेल से जुड़े वकीलों को अदालत में प्रवेश करने से रोका जा रहा है।
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