हम मजबूर नहीं हैं, ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को दी पार्टी छोड़ने की चुनौती, भाजपा पर लगाया दबाव बनाने का आरोप
ममता बनर्जी ने टीएमसी छोड़ने वाले नेताओं को जल्द जाने की चुनौती दी और भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। कोयल मल्लिक के इस्तीफे से संकट बढ़ा।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी में जारी बगावत के बीच सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे जल्द से जल्द चले जाएं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर टीएमसी नेताओं पर दबाव बना रही है।
ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भेजे गए एक वीडियो संदेश में कहा कि टीएमसी किसी भी तरह से मजबूर नहीं है और वह दबाव में आने वालों को रोकने के लिए तैयार नहीं है। उनका बयान राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद आया।
ममता ने कहा, “एक और सांसद भाजपा में शामिल हो गया है। मैं एक अभिनेत्री के रूप में उनका सम्मान करती हूं। लेकिन जो लोग भाजपा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और पुलिस के दबाव में पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उनसे मेरा अनुरोध है कि वे जल्द से जल्द चले जाएं। हमने संविधान पढ़ा है, हम मजबूर नहीं हैं।”
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कोयल मल्लिक, जिनका असली नाम रुक्मिणी मल्लिक बताया जाता है, ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद यह कदम उठाया। वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की सत्ता से बाहर होने के बाद राज्यसभा छोड़ने वाली चौथी पार्टी नेता बन गई हैं।
हालांकि, कोयल मल्लिक ने अपने इस्तीफे की वजह स्पष्ट नहीं की है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकती हैं, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अपने इस्तीफा पत्र में 44 वर्षीय अभिनेत्री से नेता बनीं कोयल मल्लिक ने लिखा कि वह तत्काल प्रभाव से राज्यसभा की सदस्यता छोड़ रही हैं। उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति और सचिवालय के अधिकारियों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
इससे पहले सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक ने भी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर टीएमसी छोड़ दी थी। बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए और भाजपा ने उन्हें राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया।
लगातार हो रहे इस्तीफों से टीएमसी का संकट बढ़ गया है। कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में टीएमसी की संख्या 13 से घटकर नौ रह गई है। पार्टी पहले ही विधानसभा और लोकसभा स्तर पर जारी अंदरूनी विरोध का सामना कर रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि ममता बनर्जी इस राजनीतिक संकट से कैसे निपटती हैं।
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