×
 

मणप्पुरम फाइनेंस में बेन कैपिटल को संयुक्त नियंत्रण के लिए RBI की मंजूरी

आरबीआई ने बेन कैपिटल को मणप्पुरम फाइनेंस में संयुक्त नियंत्रण और 41.66% हिस्सेदारी अधिग्रहण की मंजूरी दी। कंपनी में 4,385 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड (Manappuram Finance Ltd.) को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि कंपनी ने घोषणा की है कि उसे भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) से बेन कैपिटल के साथ प्रस्तावित संयुक्त नियंत्रण और हिस्सेदारी अधिग्रहण के लिए अंतिम मंजूरी मिल गई है।

यह मंजूरी निजी इक्विटी फर्म बेन कैपिटल (Bain Capital) की सहयोगी कंपनियों बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट्स XXV लिमिटेड (BC Asia Investments XXV Ltd) और बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट्स XIV लिमिटेड (BC Asia Investments XIV Ltd) द्वारा कंपनी में संयुक्त नियंत्रण और अधिकतम 41.66% हिस्सेदारी हासिल करने के प्रस्ताव के लिए दी गई है।

इस सौदे के लिए अंतिम समझौते 20 मार्च 2025 को किए गए थे। समझौते के तहत बेन कैपिटल ने लगभग 4,385 करोड़ रुपये निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई थी। इस निवेश के जरिए कंपनी में पूर्ण रूप से पतली (फुली डायल्यूटेड) आधार पर 18% हिस्सेदारी प्राप्त की जाएगी।

और पढ़ें: डिजिटल धोखाधड़ी को सुप्रीम कोर्ट ने बताया डकैती, RBI और बैंकों से तुरंत कार्रवाई के निर्देश

यह हिस्सेदारी इक्विटी शेयरों और वारंट्स के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए हासिल की जाएगी। इस डील के तहत प्रति शेयर कीमत 236 रुपये तय की गई है। इस निवेश को कंपनी के विकास और विस्तार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से मणप्पुरम फाइनेंस की पूंजी स्थिति मजबूत होगी और कंपनी को नए व्यवसायिक अवसरों का लाभ मिलेगा। साथ ही यह साझेदारी कंपनी के संचालन और प्रबंधन में वैश्विक विशेषज्ञता लाने में भी मदद करेगी।

इस मंजूरी के बाद डील को लागू करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भारतीय वित्तीय क्षेत्र में विदेशी निवेश के बढ़ते भरोसे का संकेत है और इससे एनबीएफसी सेक्टर को सकारात्मक बढ़ावा मिल सकता है।

और पढ़ें: एआई नौकरियां खत्म नहीं, बढ़ाएगा रोजगार; डिजिटल धोखाधड़ी पर ग्राहकों को ₹25,000 मुआवजा: RBI

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share