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मणिपुर में ईंधन स्टेशनों का बंद, बम हमलों के बाद सुरक्षा की मांग

मणिपुर में पेट्रोल पंप संचालक लगातार बम हमलों के विरोध में स्टेशनों को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया। वे सुरक्षा गारंटी की मांग कर रहे हैं।

मणिपुर के इम्फाल घाटी और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल पंप संचालकों ने शनिवार (10 जनवरी, 2026) से ईंधन स्टेशनों को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन लगातार हो रहे बम हमलों के खिलाफ किया गया है।

मणिपुर पेट्रोलियम डीलर्स फ्रैटरनिटी (MPDF) ने शुक्रवार (9 जनवरी) को इस बंद की घोषणा की। यह फैसला बिश्नुपुर जिले में एक ईंधन स्टेशन के पास अज्ञात बदमाशों द्वारा बम हमला किए जाने के कुछ घंटे बाद लिया गया। इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सुरक्षा के चलते पेट्रोल पंप संचालकों ने विरोध जताया।

MPDF ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को एक पत्र लिखकर कहा कि उनके खिलाफ लगातार गंभीर धमकियां दी जा रही हैं, बावजूद इसके कि सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं। संगठन ने सरकार से तत्काल कार्रवाई और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

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ईंधन स्टेशनों के बंद होने से न केवल आम जनता की सुविधाओं पर असर पड़ा है, बल्कि पेट्रोल, डीज़ल और अन्य ईंधन की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। MPDF का कहना है कि जब तक सुरक्षा का ठोस इंतजाम नहीं किया जाता, वे अपना बंद जारी रखेंगे।

राज्य में पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल पंपों और पेट्रोलियम डीलरों के खिलाफ कई हमले हुए हैं। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटनाओं की जांच कर रही हैं, लेकिन लगातार धमकियों और हमलों के कारण डीलर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

यह बंद मणिपुर में पेट्रोलियम वितरण प्रणाली और आम जनता की रोजमर्रा की ज़रूरतों को प्रभावित कर सकता है। पेट्रोल पंप संचालक अब सरकार से सुरक्षा गारंटी के बिना स्टेशनों को खोलने को तैयार नहीं हैं।

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