केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शहरी चैलेंज फंड के परिचालन दिशानिर्देश जारी किए, टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शहरी चैलेंज फंड के दिशानिर्देश जारी किए। योजना का लक्ष्य टियर-2 और टियर-3 शहरों को विकास और आर्थिक वृद्धि के नए केंद्र बनाना है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने शहरी चैलेंज फंड के परिचालन दिशानिर्देशों को औपचारिक रूप से जारी किया। इस योजना का उद्देश्य देश के शहरी विकास को नई दिशा देना और छोटे तथा मध्यम शहरों को आर्थिक विकास के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करना है।
यह शहरी चैलेंज फंड वित्त वर्ष 2025-26 से लेकर 2030-31 तक लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस अवधि में देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों को आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर सेवाओं और निवेश के अवसरों से जोड़ा जाए।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भारत का भविष्य केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहर भी विकास की नई कहानी लिख सकते हैं। इस योजना के माध्यम से शहरों को “ग्रोथ हब” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
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योजना के तहत शहरी निकायों को प्रोत्साहन दिया जाएगा ताकि वे अपने क्षेत्र में नवाचार, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और सतत विकास को बढ़ावा दे सकें। इसके अलावा, निजी निवेश को भी आकर्षित करने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच यदि छोटे शहरों को मजबूत किया जाए तो बड़े महानगरों पर दबाव कम होगा और संतुलित विकास संभव हो सकेगा।
मनोहर लाल ने यह भी कहा कि यह पहल “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आने वाले वर्षों में इस फंड के जरिए शहरों में परिवहन, आवास, स्वच्छता और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
इस योजना को भारत के शहरी भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो देश के विकास मॉडल को और अधिक समावेशी बनाएगा।
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