×
 

करीब-करीब खंडहर: 2024 की तुलना में माओवादी पार्टी अब केवल दसवें हिस्से पर

माओवादी पार्टी अब केवल 220 सशस्त्र कैडर तक सीमित रह गई है, जो 2024 में 2,200 थे। केंद्रीय अभियान और मुठभेड़ से संगठन कमजोर हुआ।

भारत की सबसे खतरनाक माओवादी संगठन, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी), अब अपने शिखर पर रही ताकत का केवल एक-दसवां हिस्सा रह गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की 31 मार्च की डेडलाइन के तहत देश से नक्सलवाद समाप्त करने की योजना के चलते माओवादी संगठन की सशस्त्र ताकत तेजी से घट रही है।

तेलंगाना की खुफिया जानकारी के अनुसार, वर्तमान में माओवादी पार्टी के पास केवल 220 सशस्त्र कैडर हैं, जो उच्च गुणवत्ता के हथियार लेकर सक्रिय हैं। वहीं, जनवरी 2024 में ऑपरेशन कागर के दौरान यह संख्या 2,200 थी। यह गिरावट संगठन की कमजोर होती क्षमता और लगातार सुरक्षा बलों की कार्रवाई का संकेत देती है।

हाल ही में वरिष्ठ माओवादी नेता प्रभाकर राव, जिन्हें रवि, पार्काल वीर, स्वामी, पदाकाला स्वामी और लोकेती चंदर राव के नामों से भी जाना जाता है, समेत सात माओवादी पुलिस मुठभेड़ में गढ़चिरोली के अबुजहमाड़ में मारे गए। यह मुठभेड़ केंद्रीय सरकार की डेडलाइन से पहले हुई थी।

और पढ़ें: यात्रियों की नाराजगी और BJP-Congress टकराव के बीच बेंगलुरु मेट्रो किराया बढ़ोतरी स्थगित

रिपोर्ट के अनुसार, माओवादी संगठन की यह गिरावट उसे अब पहले जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में नहीं रखती। सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार अभियान चलाकर संगठन के नेटवर्क, हथियार भंडार और आर्थिक संसाधनों को कमजोर किया है।

हालांकि, सुरक्षा अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि शेष माओवादी कैडर अभी भी सशस्त्र हैं और ग्रामीण इलाकों में आतंक फैलाने की क्षमता रखते हैं। सरकार की कोशिशें यह सुनिश्चित करने की हैं कि मार्च तक नक्सलियों का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो।

और पढ़ें: UIDAI ने 83,000 स्कूलों के बच्चों के लिए एक करोड़ से अधिक अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पूरे किए

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share