मेघालय कोयला खदान विस्फोट: CM संगमा का कड़ा एक्शन, 18 मौतों पर मुआवजे का ऐलान
मेघालय खदान विस्फोट में 18 मौतों पर मुख्यमंत्री संगमा ने सख्त कार्रवाई का ऐलान किया, दो मंत्रियों को मौके पर भेजा और मृतकों के परिवारों को 3 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की।
मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले में हुए भीषण कोयला खदान विस्फोट को लेकर मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को उन्होंने कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दुर्घटना में अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे पूरे राज्य में शोक और चिंता का माहौल है।
मुख्यमंत्री ने हालात का जायजा लेने के लिए राज्य के दो कैबिनेट मंत्रियों को मौके पर भेजा है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों से मुलाकात करें और बचाव, राहत तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करें। सरकार ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और अवैध खनन गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए राज्य की ओर से 3-3 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (मुआवजा) देने की घोषणा भी की है। यह कदम पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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यह हादसा एक बार फिर देश में कोयला खनन से जुड़े जोखिमों और मानवीय कीमत पर सवाल खड़े करता है। कोयला खदानों से विकास का वादा तो मिलता है, लेकिन कई बार यह गांवों के विस्थापन, आजीविका के नुकसान और सामाजिक असुरक्षा का कारण भी बनता है। ओडिशा समेत कई राज्यों में कोयला खनन से प्रभावित परिवारों को वर्षों तक अनिश्चितता और संघर्ष का सामना करना पड़ता है।
रिपोर्ट के अनुसार, कोयला खनन क्षेत्रों में लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से श्रमिकों और स्थानीय लोगों में श्वसन और त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं। लगभग 65% लोगों ने ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, एक्जिमा और फंगल संक्रमण जैसी समस्याओं की शिकायत की है।
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