भारत में हेट स्पीच पर मेटा की कार्रवाई वैश्विक स्तर से काफी कम
मेटा के आंकड़ों के मुताबिक भारत में इंस्टाग्राम और फेसबुक पर हेट स्पीच संबंधी पोस्ट के खिलाफ सक्रिय कार्रवाई वैश्विक औसत की तुलना में काफी कम रही।
भारत में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हेट स्पीच, धमकाने और उत्पीड़न से जुड़े कंटेंट के खिलाफ मेटा की सक्रिय कार्रवाई में जून 2025 के बाद उल्लेखनीय कमी देखी गई है। कंपनी की ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट और कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स एनफोर्समेंट रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हेट स्पीच से जुड़े पोस्ट पर कार्रवाई वैश्विक स्तर की तुलना में काफी कम रही।
अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच भारत में इंस्टाग्राम पर हेट स्पीच को बढ़ावा देने वाले केवल करीब 30 प्रतिशत पोस्ट पर मेटा ने अपनी प्रवर्तन व्यवस्था के तहत सक्रिय रूप से कार्रवाई की। वहीं, फेसबुक पर ऐसे पोस्ट के खिलाफ सक्रिय कार्रवाई का आंकड़ा 32.95 प्रतिशत रहा।
इसके विपरीत, इसी अवधि में वैश्विक स्तर पर मेटा ने इंस्टाग्राम पर हेटफुल कंडक्ट से जुड़े करीब 83.9 प्रतिशत पोस्ट पर सक्रिय कार्रवाई की। फेसबुक पर यह आंकड़ा लगभग 74 प्रतिशत रहा। इस तरह भारत और वैश्विक स्तर पर मेटा की सामग्री निगरानी व्यवस्था के बीच बड़ा अंतर सामने आता है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, यह अंतर केवल हेट स्पीच तक सीमित नहीं है। भारत में धमकाने, उत्पीड़न, हिंसा और हिंसा के लिए उकसाने वाले कंटेंट के खिलाफ भी मेटा की कार्रवाई में इसी तरह की चिंताजनक कमी दिखाई देती है।
भारत मेटा के लिए दुनिया का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता आधार वाला बाजार है। फेसबुक और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल देश में करोड़ों लोग करते हैं। ऐसे में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट की निगरानी तथा उस पर समय रहते कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नफरत फैलाने वाले भाषण, ऑनलाइन उत्पीड़न और हिंसा को बढ़ावा देने वाली सामग्री को लेकर दुनियाभर में बहस तेज है। भारत में भी सोशल मीडिया कंपनियों से कंटेंट मॉडरेशन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की मांग लगातार उठती रही है।
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