क्यूबा के लिए मैक्सिको ने भेजी मानवीय मदद की दो नौसेना जहाज़, अमेरिका के दबाव के बीच बड़ा कदम
मैक्सिको ने अमेरिका के दबाव के बीच क्यूबा को 814 टन मानवीय सहायता भेजी। तेल आपूर्ति पर टैरिफ की चेतावनी के बीच दोनों देशों के रिश्तों पर नजर बनी हुई है।
मैक्सिको ने क्यूबा को मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए दो नौसेना जहाज़ रवाना किए हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब क्यूबा पर अमेरिका का दबाव बढ़ता जा रहा है और ऊर्जा संकट के कारण वहां की अर्थव्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। मैक्सिको के विदेश मंत्रालय ने बताया कि रविवार को रवाना हुए ये जहाज़ लगभग चार दिनों में क्यूबा पहुंचेंगे।
इन जहाज़ों में कुल 814 टन राहत सामग्री भेजी गई है, जिसमें ताजा और पाउडर दूध, मांस, बीन्स, चावल और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी वस्तुएं शामिल हैं। इसके अलावा करीब 1500 टन अतिरिक्त खाद्य सहायता भी जल्द भेजने की तैयारी है।
यह कदम उस समय सामने आया है जब मैक्सिको क्यूबा को तेल भेजने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो भी देश क्यूबा को पेट्रोलियम भेजेगा, उस पर अमेरिका टैरिफ लगा सकता है। ऐसे में मैक्सिको कूटनीतिक तरीके से समाधान खोजने की कोशिश कर रहा है ताकि क्यूबा की मदद भी हो सके और अमेरिका की संभावित सज़ा से भी बचा जा सके।
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क्यूबा की अर्थव्यवस्था पहले से ही संकट में है और हालात तब और बिगड़ गए जब वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति बंद हो गई। जनवरी में अमेरिका ने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद तेल सप्लाई पूरी तरह रुक गई।
अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह वेनेजुएला की अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिगेज के साथ काम करने को तैयार है, बशर्ते वे वाशिंगटन की शर्तों को मानें और तेल संसाधनों तक पहुंच दें।
पिछले वर्ष मैक्सिको ने क्यूबा को लगभग 500 मिलियन डॉलर का तेल और पेट्रोलियम उत्पाद भेजे थे, जो उसकी कुल उत्पादन का 1% से भी कम था। मौजूदा सहायता को क्यूबा के लोगों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।
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