अग्निवीरों के भविष्य पर राहुल गांधी के सवाल से MHA का बचाव
लोकसभा में राहुल गांधी ने अग्निवीरों के करियर समन्वय पर सवाल उठाया। गृह मंत्रालय ने रक्षा मंत्रालय के साथ संभावित ओवरलैप और कार्यक्रमों पर स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा अग्निवीरों के करियर प्रगति को लेकर पूछे गए सवाल पर मंगलवार (10 फरवरी 2026) को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सीधे जवाब देने से परहेज किया। गृह मंत्रालय ने अपने जवाब में ‘एलोकेशन ऑफ बिजनेस रूल्स’ का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व अग्निवीरों के सेवा-उपरांत करियर समन्वय की जिम्मेदारी उसके दायरे में आती है, लेकिन इस विषय पर रक्षा मंत्रालय के साथ संभावित समन्वय या जिम्मेदारियों के ओवरलैप से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
राहुल गांधी ने सरकार से पूछा था कि जब अग्निवीर सशस्त्र बलों में सेवा देते हैं, तो उनके सेवा समाप्त होने के बाद करियर प्रगति के समन्वय की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय को क्यों सौंपी गई है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार ने गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच संभावित समन्वय संबंधी चुनौतियों का आकलन किया है।
इसके अलावा राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह मंत्रालय किन विशेष कार्यक्रमों और गतिविधियों का संचालन करेगा और उन्हें किस प्रकार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, मंत्रालय ने अपने जवाब में इन कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण देने से भी बचते हुए केवल नियमों का हवाला दिया।
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यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अग्निवीर योजना के तहत बड़ी संख्या में युवा अल्पकालिक सैन्य सेवा के बाद नागरिक जीवन में लौटेंगे। ऐसे में उनके पुनर्वास और करियर अवसरों को लेकर सरकार की स्पष्ट नीति और समन्वय बेहद जरूरी माना जा रहा है।
विपक्ष इस विषय को लेकर लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है और पूर्व सैनिकों के भविष्य को लेकर स्पष्ट रोडमैप की मांग कर रहा है।
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