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आव्रजन नीति के खिलाफ मिनियापोलिस में हजारों का प्रदर्शन, अमेरिका में गुस्सा चरम पर

ट्रंप की आव्रजन नीति और ICE कार्रवाई के विरोध में मिनियापोलिस समेत कई अमेरिकी शहरों में हजारों लोगों का प्रदर्शन, पत्रकार की गिरफ्तारी और प्रदर्शनकारियों की मौत ने विवाद और बढ़ाया।

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त आव्रजन नीति के खिलाफ गुस्सा शुक्रवार (30 जनवरी 2026) को सड़कों पर फूट पड़ा। कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों लोग विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए। यह प्रदर्शन उस समय और तेज हो गया, जब एक प्रमुख अमेरिकी पत्रकार पर इसी शहर में हुए प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग को लेकर आरोप लगाए गए।

प्रदर्शनकारियों ने इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के खिलाफ नारे लगाए, जो ट्रंप प्रशासन के बड़े पैमाने पर निर्वासन अभियान का नेतृत्व कर रही है। यह मार्च पूरे अमेरिका में “नेशनल शटडाउन” के आह्वान के जवाब में निकाला गया। मिनियापोलिस इस विरोध का केंद्र बन गया है, क्योंकि इसी महीने दो प्रदर्शनकारियों — दोनों अमेरिकी नागरिक — को संघीय एजेंटों ने गोली मार दी थी।

24 वर्षीय सुषमा संथाना ने एएफपी से कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमारी संघीय सरकार को इस तरह अपने ही लोगों को आतंकित करना चाहिए।” यह भीड़ एक एंटी-ICE कॉन्सर्ट के बाद जुटी थी, जिसमें मशहूर रॉक गायक ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने प्रस्तुति दी। स्प्रिंगस्टीन ने हाल ही में “स्ट्रीट्स ऑफ मिनियापोलिस” नामक गीत जारी किया है, जो मारे गए दोनों प्रदर्शनकारियों को श्रद्धांजलि है।

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इसी तरह के प्रदर्शन लॉस एंजेलिस में भी हुए, जहां हजारों लोग सिटी हॉल के बाहर जुटे। इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने पूर्व सीएनएन एंकर डॉन लेमन और आठ अन्य लोगों पर नागरिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक चर्च में हुए प्रदर्शन की कवरेज की, जहां एक ICE अधिकारी पादरी है।

लेमन के वकील ने कहा कि उनकी पत्रकारिता सामान्य रिपोर्टिंग जैसी ही थी। राजनीतिक नेताओं और मीडिया संगठनों ने इस गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की। उधर, न्याय विभाग ने एक प्रदर्शनकारी एलेक्स प्रेट्टी की मौत की नागरिक अधिकार जांच शुरू कर दी है, जबकि दूसरे मृतक के मामले में ऐसी कोई जांच नहीं हुई है। इन घटनाओं ने अमेरिकी राजनीति और कांग्रेस में भी तीखी बहस छेड़ दी है।

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