एमके स्टालिन ने वीएस बाबू की जीत को मद्रास हाईकोर्ट में दी चुनौती, वोटों की पुनर्गणना की मांग
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कोलाथुर सीट से वीएस बाबू की जीत को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने ईवीएम और वीवीपैट अनियमितताओं का आरोप लगाया।
द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) के प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोमवार, 24 अगस्त को मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने अप्रैल 2026 में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कोलाथुर विधानसभा सीट से तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के उम्मीदवार वीएस बाबू की जीत को चुनौती दी है।
स्टालिन ने चुनाव याचिका में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कथित गड़बड़ी और वोटर-वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों से जुड़ी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कोलाथुर सीट पर पड़े वोटों की पुनर्गणना कराने की मांग की है। इसके अलावा स्टालिन ने अदालत से बाबू की चुनावी जीत को रद्द करने और उन्हें इस सीट से निर्वाचित घोषित करने की अपील की है।
8,795 वोटों से हारे स्टालिन
अप्रैल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में वीएस बाबू ने स्टालिन को 8,795 वोटों के अंतर से हराया था। निर्वाचन आयोग के अनुसार, बाबू को 82,997 वोट मिले, जबकि स्टालिन के खाते में 74,202 वोट आए। अन्नाद्रमुक उम्मीदवार पी. संथाना कृष्णन 18,430 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
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तमिलनाडु में विधानसभा की कुल 234 सीटें हैं और 23 अप्रैल को मतदान हुआ था। स्टालिन की यह हार उनके 35 साल के चुनावी करियर में पहली हार थी। वह 1989 में पहली बार विधायक चुने गए थे और अब तक सात बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने हजार लाइट्स सीट से चार बार जीत दर्ज की थी और इसके बाद कोलाथुर से लगातार तीन बार विधायक बने।
चुनाव अधिकारी ने आरोपों को किया खारिज
इस महीने की शुरुआत में ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी जीएस समीरण ने कोलाथुर में ईवीएम से जुड़ी अनियमितताओं के डीएमके के आरोपों को खारिज किया था।
डीएमके के विधि प्रकोष्ठ के सचिव एनआर एलंगो ने कहा था कि 29 जुलाई से कोलाथुर के 14 मतदान केंद्रों की ईवीएम का सत्यापन किया गया। उन्होंने इसे पुनर्गणना के बजाय ईवीएम की मेमोरी और माइक्रोकंट्रोलर के सत्यापन की प्रक्रिया बताया।
जवाब में समीरण ने कहा कि ईवीएम से संबंधित सभी सत्यापन प्रक्रियाएं राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों और मतदान एजेंटों की मौजूदगी में व्यवस्थित तरीके से पूरी की गईं।