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मध्य पूर्व संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मध्य पूर्व संकट के बावजूद भारत ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है और राज्यों से ईंधन की कालाबाजारी रोकने की अपील की।

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और उससे पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संकट का असर दुनिया के लगभग हर देश पर पड़ा है और इससे निपटने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा।

भारत मंडपम में आयोजित एनएक्सटी समिट में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से पहले भारत के पास रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण बहुत कम था, लेकिन अब देश ने महत्वपूर्ण भंडारण क्षमता विकसित कर ली है। इससे वैश्विक संकट के समय ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने में मदद मिलती है।

प्रधानमंत्री ने राज्यों की सरकारों से अपील की कि वे ईंधन और एलपीजी की आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखें ताकि कालाबाजारी और जमाखोरी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय संकट का असर आम नागरिकों पर न पड़े।

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मोदी ने यह भी कहा कि भारत लगातार विश्व नेताओं के संपर्क में है और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहा है। उनका कहना था कि आज दुनिया भारत को भविष्य की “केंद्र बिंदु” के रूप में देख रही है और कई वैश्विक नेता देश की भूमिका को लेकर आशावान हैं।

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह भारत ने महामारी के संकट का सफलतापूर्वक सामना किया था, उसी तरह देश इस ऊर्जा संकट से भी मजबूती से बाहर निकलेगा।

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