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मध्य प्रदेश में यूसीसी बिल पर सीएम मोहन यादव का बयान, बोले- एक विवाह करने वालों को ही राज्य में रहने का कानूनी अधिकार मिलेगा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आगामी विधानसभा मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक विवाह करने वालों को कानूनी अधिकार मिलेगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आगामी विधानसभा मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक पेश करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में रहने का कानूनी अधिकार केवल उन लोगों को मिलेगा, जिनका एक ही विवाह होगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून व्यवस्था लागू करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही विधानसभा में इससे संबंधित विधेयक लाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यूसीसी लागू होने से विवाह, परिवार और अन्य व्यक्तिगत मामलों से जुड़े नियमों में समानता आएगी।

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मोहन यादव ने बहुविवाह को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि एक विवाह की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग एक विवाह के नियम का पालन करेंगे, उन्हें राज्य में रहने से जुड़े कानूनी अधिकारों में प्राथमिकता मिलेगी।

मध्य प्रदेश सरकार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में समान नागरिक संहिता को लेकर चर्चा तेज है। उत्तराखंड पहले ही यूसीसी लागू कर चुका है, जबकि कई अन्य राज्य इस दिशा में कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं।

यूसीसी का उद्देश्य देश में सभी धर्मों और समुदायों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य व्यक्तिगत मामलों में समान कानून लागू करना है। हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच अलग-अलग राय रही है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार जनता के हित और सामाजिक सुधार को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि यूसीसी विधेयक पर विधानसभा में चर्चा के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मध्य प्रदेश विधानसभा का आगामी मानसून सत्र इस मुद्दे को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के इस कदम पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की संभावना है।

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