ईरान के नए सर्वोच्च नेता बने मुजतबा खामेनेई, 37 वर्षों बाद सत्ता परिवर्तन
ईरान की विशेषज्ञों की सभा ने अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना। इस फैसले से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान में ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव के तहत अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। यह फैसला ईरान की विशेषज्ञों की सभा ने लिया। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उत्तराधिकार को लेकर कई दिनों से अटकलें लगाई जा रही थीं।
रिपोर्ट के अनुसार, मुजतबा खामेनेई का चयन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के दबाव में किया गया। वर्ष 1989 से शासन कर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई मध्य पूर्व के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्राध्यक्ष थे। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह केवल दूसरी बार है जब ईरान में सर्वोच्च नेता बदला गया है।
सर्वोच्च नेता के पास युद्ध, शांति और देश के परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर अंतिम अधिकार होता है। 56 वर्षीय मुजतबा खामेनेई एक मध्यम स्तर के शिया धर्मगुरु हैं और उनका आईआरजीसी से करीबी संबंध माना जाता है। हालांकि उन्होंने कभी कोई निर्वाचित या आधिकारिक सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी प्रभावशाली भूमिका मानी जाती रही है।
मुजतबा का जन्म 1969 में मशहद में हुआ था। ईरान-इराक युद्ध के दौरान उन्होंने सशस्त्र बलों में सेवा दी थी। वर्ष 2019 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने उन पर प्रतिबंध लगाए थे।
खामेनेई की हत्या के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने कुवैत, बहरीन, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को और आक्रामक कदम न उठाने की चेतावनी दी है।
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