मध्य प्रदेश में देर रात 11 IAS अधिकारियों का तबादला, कांग्रेस ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश सरकार ने देर रात 11 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया। कांग्रेस ने आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार छिपाने का आरोप लगाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
मध्य प्रदेश सरकार ने शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 11 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस कदम पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह बदलाव आबकारी विभाग में कथित भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के लिए किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बरनवाल को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने संदीप यादव की जगह ली है, जिन्हें अब वन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें एनआरआई विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनीष सिंह को फिर से जनसंपर्क विभाग का आयुक्त बनाया गया है और वे परिवहन सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। वहीं जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सैना को आबकारी आयुक्त नियुक्त किया गया है। उन्होंने अभिजीत अग्रवाल की जगह ली है, जिन्हें राज्य सहकारी विपणन संघ का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। यह बदलाव नई आबकारी नीति लागू होने से पहले किया गया है।
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इसके अलावा अजय गुप्ता को किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग से हटाकर जबलपुर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। कई अन्य अधिकारियों को जिला पंचायत और शिक्षा विभाग में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
कांग्रेस ने इस फेरबदल पर सवाल उठाते हुए कहा कि तबादले हुए, लेकिन जवाबदेही तय नहीं हुई। पार्टी ने इंदौर में कथित फर्जी चालान और जबलपुर में जहरीली शराब से मौतों का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने सोम डिस्टिलरीज का भी जिक्र करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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