एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले में अभ्यर्थी रितुजा पाटिल गिरफ्तार, अब तक सात आरोपी पकड़े गए
महाराष्ट्र में एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक मामले में अभ्यर्थी रितुजा पाटिल गिरफ्तार हुईं। पुलिस के अनुसार उन्हें परीक्षा से पहले लीक पेपर मिला था। अब सात आरोपी पकड़े गए।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-बी स्क्रीनिंग परीक्षा 2026 के कथित पेपर लीक मामले में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने मंगलवार को अभ्यर्थी रितुजा पाटिल को गिरफ्तार कर लिया। रितुजा को नंदुरबार से अपराध शाखा की प्रॉपर्टी सेल की टीम ने हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस की हिरासत में भेज दिया गया। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए आरोपियों की संख्या सात हो गई है।
रितुजा पाटिल एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा की अभ्यर्थी थीं और अस्थायी मेरिट सूची में उन्होंने सातवां स्थान हासिल किया था। जांच के मुताबिक, उन्हें कथित तौर पर परीक्षा से पहले लीक हुआ प्रश्नपत्र मिल गया था। आरोप है कि उन्हें संदेह से बचने के लिए जानबूझकर 10 सवाल गलत करने की सलाह दी गई थी।
इस मामले में पिछले सप्ताह तीन एमपीएससी अधिकारियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें आयोग के सहायक अनुभाग अधिकारी विश्वेश्वर दत्तात्रेय नाकाटे, गोपाल भट्टू मराठे, अवर सचिव अभिजीत गणपतराव लेंडेवे, नंदुरबार स्थित कौटिल्य अकादमी के निदेशक प्रवीण दिलीप पाटिल तथा कथित सह-साजिशकर्ता अमृत नामदेव पाटिल और लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल शामिल हैं।
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मामला सामने आने के बाद एमपीएससी ने ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-बी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी। आयोग ने निष्पक्षता और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर देने के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। आयोग के अनुसार, स्क्रीनिंग परीक्षा पास करने वाले और इंटरव्यू तक पहुंच चुके अभ्यर्थियों को भी नई परीक्षा देनी होगी। कुल 485 अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए पात्र थे।
यह ऑफलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा 22 मार्च को खाद्य एवं औषधि प्रशासन के तहत ड्रग इंस्पेक्टर पदों के लिए आयोजित हुई थी।
पुलिस के अनुसार, विशेषज्ञों ने प्रश्नपत्र बेहद गोपनीय प्रक्रिया के तहत तैयार किए थे। आरोप है कि संदिग्धों ने गोपनीयता भंग कर परीक्षा से पहले प्रश्न हासिल किए, उनकी अलग प्रश्नपत्र पुस्तिका तैयार की और उन्हें अनधिकृत लोगों तक पहुंचाया।
अपराध शाखा में प्रॉपर्टी सेल के पुलिस निरीक्षक मंगेश देसाई की शिकायत पर मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की जांच जारी है।
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