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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को बड़ी सफलता: पालघर में दूसरे पर्वतीय सुरंग का ब्रेकथ्रू पूरा

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में पालघर जिले में दूसरी पर्वतीय सुरंग का ब्रेकथ्रू पूरा हुआ। रेल मंत्री ने प्रगति की सराहना की, परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को परियोजना के तहत दूसरी पर्वतीय सुरंग का सफल ब्रेकथ्रू पूरा कर लिया गया। यह उपलब्धि एक महीने के भीतर पालघर में दूसरी सुरंग के पूरा होने के रूप में दर्ज की गई है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली से वीडियो लिंक के माध्यम से सापले गांव के पास हुए इस ब्रेकथ्रू को वर्चुअली देखा। उन्होंने हाई-स्पीड रेल टीम को बधाई देते हुए कहा कि कार्य की तेज़ रफ्तार ने देश में नई उम्मीद और आत्मविश्वास पैदा किया है। रेल मंत्री ने यह भी कहा कि यह परियोजना निर्माण और तकनीक में नवाचारों के कारण वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इसमें उपयोग हो रही कई आधुनिक मशीनें और तकनीक ‘मेक इन इंडिया’ के तहत विकसित की गई हैं।

नई पूरी हुई सुरंग, एमटी-6 (MT 6), की लंबाई 454 मीटर और चौड़ाई 14.4 मीटर है। यह सुरंग हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की अप और डाउन—दोनों पटरियों को संभालने के लिए डिज़ाइन की गई है। इससे पहले 2 जनवरी को सापले के पास एमटी-5 सुरंग का निर्माण पूरा हुआ था।

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अधिकारियों ने बताया कि एमटी-6 सुरंग की खुदाई न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) से की गई, जिसमें नियंत्रित ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग तकनीक का उपयोग होता है। चुनौतीपूर्ण भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों के बावजूद यह कार्य 12 महीनों में पूरा किया गया।

508 किलोमीटर लंबी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरती है। यह भारत की एकमात्र बुलेट ट्रेन परियोजना है, जिसमें ट्रेनें 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। वर्तमान में पालघर में सात सुरंगों पर काम जारी है, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात में पुलों, स्टेशनों, अंडरग्राउंड टनलों, ट्रैक बिछाने और विद्युतीकरण का कार्य भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

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