मुंबई में मराठी भाषा विवाद पर एमएनएस के 11 नेता गिरफ्तार, ऑटो चालकों को लेकर बढ़ा तनाव
मुंबई में मराठी भाषा विवाद के बीच एमएनएस के 11 नेताओं को गिरफ्तार किया गया। ऑटो चालकों के मुद्दे पर दहिसर में हुई झड़प के बाद मामला और गरमा गया।
मुंबई में मराठी भाषा को लेकर जारी विवाद के बीच पुलिस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के 11 नेताओं को गिरफ्तार किया है। इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्यता के मुद्दे पर अशांति फैलाने की कोशिश की। गिरफ्तार किए गए नेताओं में नयन कदम, कुणाल मैंदकर और किरण नकासे प्रमुख हैं।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया से पहले अनिवार्य मेडिकल जांच के लिए शताब्दी अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
यह विवाद दहिसर इलाके में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ, जहां ऑटो चालकों के साथ बातचीत का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में राजनीतिक नेता संजय निरुपम की मौजूदगी से एमएनएस कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। पार्टी का आरोप था कि यह कार्यक्रम गैर-मराठी ऑटो चालकों को प्रभावित करने की कोशिश है।
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घटना के बाद पुलिस ने सभी 11 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इनमें धारा 189(2), 191(3), 191(2), 190, 125, 324(4) और 115(2) शामिल हैं। साथ ही महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धाराएं 135 और 37(1)(A) भी लगाई गई हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में मुंबई प्रशासन ने सभी ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य किया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एमएनएस इस फैसले के समर्थन में सड़क पर उतर आई है, जबकि कुछ अन्य नेता ऑटो चालकों को मराठी सीखने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
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