नगर निगम में विलय के बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित नागरकोइल का अनुसूचित जाति बस्ती क्षेत्र
तमिलनाडु के नागरकोइल नगर निगम में शामिल काडेट्ट्री अनुसूचित जाति बस्ती में अब भी साफ पानी, स्ट्रीट लाइट और बस सेवा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से लोग परेशान हैं।
तमिलनाडु के नागरकोइल नगर निगम के अंतर्गत आने वाला काडेट्ट्री नामक अनुसूचित जाति बस्ती क्षेत्र आज भी बुनियादी नागरिक सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने के बावजूद यहां साफ पेयजल, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और बस सेवा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
काडेट्ट्री इलाका चारों ओर से धान के खेतों और नारियल के बागानों से घिरा हुआ है। पहले यह क्षेत्र थेंगमपुथूर टाउन पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता था। बाद में थेंगपुथूर टाउन पंचायत का नागरकोइल नगर निगम में विलय होने के बाद इस बस्ती को भी नगर निगम क्षेत्र के रूप में पुनर्वर्गीकृत किया गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने से उन्हें उम्मीद थी कि क्षेत्र में विकास कार्य तेज होंगे और बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी। लेकिन अभी तक हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। सबसे बड़ी समस्या साफ पेयजल की है, जिसके लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
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इसके अलावा, रात के समय पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अंधेरे की वजह से सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं। वहीं, बस सेवा की कमी के कारण छात्रों, कामकाजी लोगों और बुजुर्गों को आने-जाने में कठिनाई होती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस बस्ती में जल्द से जल्द बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उनका कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी अगर ऐसी स्थिति बनी रहती है, तो इससे विकास की प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।
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