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नागपुर विस्फोटक फैक्ट्री धमाका: सरकारी लापरवाही से गई 19 मजदूरों की जान, विधानसभा में कांग्रेस का आरोप

नागपुर की एसबीएल एनर्जी फैक्ट्री में विस्फोट से 19 मजदूरों की मौत हुई। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने विधानसभा में सरकार पर लापरवाही और सुरक्षा ऑडिट न कराने का आरोप लगाया।

नागपुर में स्थित विस्फोटक निर्माण इकाई में हुए भीषण धमाके को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने बुधवार (4 मार्च 2026) को आरोप लगाया कि यह हादसा सरकार की घोर लापरवाही का परिणाम है।

1 मार्च 2026 की सुबह नागपुर में खनन और औद्योगिक विस्फोटक बनाने वाली कंपनी एसबीएल एनर्जी के डेटोनेटर असेंबली यूनिट में जोरदार विस्फोट हुआ था। इस हादसे में कम से कम 19 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 23 अन्य घायल हो गए। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।

विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में नागपुर जिले की विभिन्न विस्फोटक फैक्ट्रियों में हुए हादसों में कुल 43 मजदूरों की जान जा चुकी है। उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार सुरक्षा ऑडिट की मांग किए जाने के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए गए।

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उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों की जांच की जाती और आवश्यक सुधार किए जाते, तो इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी। वडेट्टीवार ने सरकार से मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतकों के परिजनों ने उचित मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और विस्फोट के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

यह हादसा औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विपक्ष का कहना है कि जब तक नियमित सुरक्षा ऑडिट और सख्त निगरानी नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है

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