नांगलोई जाट में सरकारी स्कूलों की बदहाल हालत का मुद्दा विधानसभा में उठा
नांगलोई जाट के विधायक मनोज कुमार शोकेन ने विधानसभा में सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत पर चिंता जताई और बच्चों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
नांगलोई जाट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक मनोज कुमार शोकेन ने शुक्रवार (9 जनवरी, 2026) को विधानसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने स्कूल भवनों की खराब स्थिति के लिए पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
विधानसभा में चर्चा के दौरान विधायक शोकेन ने स्कूलों की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि इन शैक्षणिक संस्थानों की हालत बेहद खतरनाक हो चुकी है। उन्होंने कहा, “स्पीकर जी, ज़रा देखिए यह हालत कितनी भयावह है। किसी भी समय 500 से 700 बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है।” उन्होंने यह भी कहा कि वे इन तस्वीरों को सदन के पटल पर रखेंगे ताकि सभी सदस्य स्थिति की गंभीरता को समझ सकें।
मनोज कुमार शोकेन ने बताया कि स्कूलों की मरम्मत और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को कई बार पत्र लिखे गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती आप सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
विधायक ने कहा कि जिन स्कूलों में हजारों बच्चे पढ़ते हैं, वहां छतें, दीवारें और अन्य संरचनाएं कमजोर हो चुकी हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन स्कूलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
शोकेन ने यह भी कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता केवल पाठ्यक्रम और शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित और मजबूत स्कूल भवन भी उतने ही आवश्यक हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि नांगलोई जाट सहित दिल्ली के अन्य इलाकों में सरकारी स्कूलों की स्थिति का तुरंत सर्वे कर आवश्यक कदम उठाए जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
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