दतिया उपचुनाव हार के बाद नाराजगी की खबरों पर बोले नरोत्तम मिश्रा, आशुतोष तिवारी मेरे छोटे भाई जैसे
दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने आशुतोष तिवारी से मतभेद की खबरों को गलत बताया। उन्होंने तिवारी को अपना छोटा भाई बताया।
मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता नरोत्तम मिश्रा ने दतिया उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी की हार के बाद दोनों के बीच मतभेद की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही नाराजगी और विवाद की खबरें पूरी तरह झूठी और भ्रामक हैं।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया उपचुनाव के बाद उनके और भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को लेकर कई गलत दावे किए जा रहे हैं, जिनका कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि आशुतोष तिवारी उनके छोटे भाई जैसे हैं और दोनों के बीच हमेशा स्नेह और सम्मान का रिश्ता रहा है।
मिश्रा ने कहा, “आशुतोष तिवारी मेरे छोटे भाई के समान हैं। उनके प्रति मेरा स्नेह और अपनापन हमेशा रहा है और आगे भी रहेगा। हमारे बीच कभी कोई कड़वाहट नहीं थी और आज भी हमारा रिश्ता पहले जैसा ही मजबूत है।”
उन्होंने आशुतोष तिवारी की पार्टी के प्रति निष्ठा की तारीफ करते हुए कहा कि वह लंबे समय से भाजपा के समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता रहे हैं। मिश्रा ने बताया कि वह तिवारी को वर्ष 2003 के डबरा विधानसभा चुनाव के समय से जानते हैं।
पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद आशुतोष तिवारी ने किसी पर आरोप नहीं लगाया, जो उनके संस्कार और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि तिवारी भविष्य में भी संगठन और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।
नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पार्टी, संगठन या आशुतोष तिवारी को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी टिप्पणी या गतिविधि से बचें। उन्होंने कहा कि भाजपा की ताकत एकता, अनुशासन और मूल्यों में है।
उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से उनका और आशुतोष तिवारी का रिश्ता परिवार जैसा रहा है। राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन रिश्ते और मूल्य हमेशा स्थायी रहते हैं।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया। घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट प्राप्त हुए। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार 22,527 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
दतिया सीट पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का मजबूत गढ़ मानी जाती थी। वह वर्ष 2008 से 2023 तक लगातार तीन बार इस सीट से विधायक रहे थे। हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। दिल्ली की एक अदालत द्वारा कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी मामले में तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद यह उपचुनाव कराया गया था।
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