मैं दोस्ती और दुश्मनी नहीं भूलता, भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा की पुलिस प्रशासन को कड़ी चेतावनी
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने दतिया में भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई को लेकर पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी और निष्पक्ष रवैया अपनाने की नसीहत दी।
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को दतिया में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर पुलिस प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वह न तो दोस्ती भूलते हैं और न ही दुश्मनी, इसलिए अधिकारियों को निष्पक्ष और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।
नरोत्तम मिश्रा का यह बयान हाल ही में दतिया में भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कठोर व्यवहार किया और अनावश्यक कार्रवाई की।
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक और राजनीतिक दल को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करने की अपील की।
और पढ़ें: दतिया बवाल के बाद नरोत्तम मिश्रा की पहली प्रतिक्रिया, कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील
नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "मैं दोस्ती भी नहीं भूलता और दुश्मनी भी नहीं भूलता। इसलिए पुलिस प्रशासन को यह याद रखना चाहिए कि कानून का पालन निष्पक्षता के साथ होना चाहिए। किसी भी कार्यकर्ता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ पक्षपातपूर्ण कार्रवाई जारी रही तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगी। उनके अनुसार, पुलिस का दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि किसी राजनीतिक दल के दबाव में काम करना।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि दतिया में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई की गई। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नरोत्तम मिश्रा का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के बाद दतिया की घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति में बहस और तेज हो सकती है।
फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है। वहीं भाजपा ने संकेत दिए हैं कि यदि कार्यकर्ताओं के साथ कथित अन्याय की शिकायतें दूर नहीं हुईं तो पार्टी इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी।