नेशनल हेराल्ड मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और मोतीलाल वोरा को ईडी कोर्ट ने बरी किया
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और मोतीलाल वोरा को नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी कोर्ट ने बरी कर दिया, जिससे उनके खिलाफ आरोप समाप्त हो गए।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोतीलाल वोरा नेशनल हेराल्ड मामले में पंचकूला स्थित एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) कोर्ट से बरी हो गए। अदालत ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़े इस मामले में अपना फैसला सुनाया।
ईडी कोर्ट ने दोनों नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों को असंगत और अप्रभावी मानते हुए उन्हें मुक्त कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, जो दोनों पर दोष सिद्ध कर सकें।
नेशनल हेराल्ड मामला लंबे समय से राजनीतिक चर्चा का विषय रहा है। इसमें मुख्य आरोप यह थे कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से संबंधित वित्तीय और संपत्ति मामलों में भूपिंदर सिंह हुड्डा और मोतीलाल वोरा ने अनियमितताओं में संलिप्तता दिखाई।
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दोनों नेताओं की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट में यह तर्क रखा कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं और सभी वित्तीय लेनदेन पारदर्शी और कानूनी रूप से मान्य थे। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार किया और दोनों नेताओं को बरी कर दिया।
भूपिंदर सिंह हुड्डा और मोतीलाल वोरा के समर्थकों ने फैसले का स्वागत किया और इसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता और पारदर्शिता का उदाहरण बताया। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि अब नेता अपने राजनीतिक कार्यों और सामाजिक गतिविधियों में पूरी तरह सक्रिय हो सकेंगे।
इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारे में हल्की राहत का माहौल देखा गया, जबकि विपक्ष ने मामले की समीक्षा और आगामी फैसलों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।