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NCERT को मिला डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा, अब चला सकेगा नए कोर्स और कैंपस

NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला, अब यह नए कोर्स, शोध और पीएचडी कार्यक्रम शुरू कर सकेगा तथा देश-विदेश में कैंपस खोलने की अनुमति भी होगी।

भारत ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को “डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी” का दर्जा दे दिया है। केंद्र सरकार ने यह फैसला विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की सिफारिश पर लिया है। लगभग तीन साल बाद यह निर्णय लिया गया है, जिसका उद्देश्य NCERT के कार्यक्षेत्र का विस्तार करना है।

इस नए दर्जे के तहत अब NCERT नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम और कार्यक्रम शुरू कर सकेगा। साथ ही, वह UGC के दिशा-निर्देशों के अनुसार “ऑफ-कैंपस” और “ऑफशोर सेंटर” भी स्थापित कर सकेगा। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, NCERT की छह इकाइयों को मिलाकर इसे डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया गया है।

अब NCERT शोध कार्यक्रम, डॉक्टरेट (PhD) और नवाचार आधारित शैक्षणिक पाठ्यक्रम भी चला सकेगा। हालांकि, सभी कार्यक्रम UGC और संबंधित वैधानिक निकायों के नियमों और मानकों के अनुसार ही होंगे। फीस संरचना भी UGC के नियमों के अनुरूप तय की जाएगी।

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नई व्यवस्था के तहत NCERT को अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों की तरह अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) प्रणाली अपनानी होगी और छात्रों के क्रेडिट स्कोर को डिजिटल लॉकर में अपलोड करना होगा। इसके अलावा, संस्थान को राष्ट्रीय रैंकिंग और मान्यता प्रणाली में भी भाग लेना अनिवार्य होगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि NCERT किसी भी प्रकार की व्यावसायिक या लाभ कमाने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होगा। इसके फंड या संसाधनों का उपयोग बिना UGC और केंद्र सरकार की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा।

NCERT की स्थापना 1961 में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और सरकार को सलाह देने के लिए की गई थी। अब डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने से यह संस्थान शिक्षा और शोध के क्षेत्र में और अधिक मजबूत भूमिका निभा सकेगा।

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