नीट पेपर लीक मामला: आरोपी के लाई डिटेक्टर टेस्ट की मांग पर दिल्ली कोर्ट ने सीबीआई से मांगा जवाब
नीट पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों ने लाई डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग टेस्ट की अनुमति मांगी। दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सीबीआई से जवाब तलब किया है।
नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार (4 अगस्त 2026) को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से तीन आरोपियों की उस याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें उन्होंने स्वेच्छा से लाई डिटेक्टर टेस्ट और ब्रेन मैपिंग जांच कराने की अनुमति मांगी है।
मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने सीबीआई से यह भी पूछा है कि क्या आरोपियों की ओर से दायर की गई यह याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं। आरोपियों ने अदालत में आवेदन देकर पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट और ब्रेन इलेक्ट्रिकल एक्टिवेशन प्रोफाइल (बीईएपी) यानी ब्रेन मैपिंग जांच कराने की अनुमति देने की मांग की है।
जिन तीन आरोपियों ने यह आवेदन दाखिल किया है, उनकी पहचान मंगल लाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल के रूप में हुई है। आरोपियों ने अपनी याचिका में कहा है कि वे यह जांच पूरी तरह अपनी इच्छा से कराना चाहते हैं और इसके लिए उन पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया है।
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याचिका में कहा गया है कि इस जांच का उद्देश्य अपनी ईमानदारी साबित करना और जांच एजेंसी को निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच में सहयोग देना है। आरोपियों ने दावा किया कि लाई डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग टेस्ट से जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
अदालत ने अब इस मामले में सीबीआई का पक्ष जानने के बाद आगे की कार्रवाई करने का फैसला किया है। सीबीआई वर्तमान में नीट पेपर लीक मामले की जांच कर रही है और इस मामले में कई आरोपियों से पूछताछ की जा चुकी है।
नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में विवाद हुआ था। इसके बाद जांच एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की थी। अब अदालत में आरोपियों की ओर से स्वेच्छा से वैज्ञानिक जांच कराने की मांग ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।