नीट परीक्षा के दिन ट्रैफिक जाम पर कांग्रेस–भाजपा में तीखी बयानबाजी
कर्नाटक में नीट री-एग्जाम के दिन ट्रैफिक जाम को लेकर कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप हुआ। छात्रों के प्रभावित होने के दावों पर दोनों दलों में विवाद बढ़ा।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में नीट री-एग्जाम के दिन ट्रैफिक जाम को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब आरोप लगाया गया कि पैलेस ग्राउंड्स के आसपास हुए भारी ट्रैफिक जाम के कारण कई छात्र आरसी कॉलेज में परीक्षा नहीं दे पाए।
भाजपा के बेंगलुरु दक्षिण सांसद तेजस्वी सूर्या ने आरोप लगाया कि कई छात्र परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके और उनका भविष्य प्रभावित हुआ। वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
कांग्रेस और भाजपा के बीच यह राजनीतिक विवाद तब और बढ़ गया जब विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के एक कार्यक्रम के कारण शहर में भारी ट्रैफिक जाम लगा, जिससे नीट अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में चिंता फैल गई।
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इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने तेजस्वी सूर्या को “भ्रामक जानकारी फैलाने वाला सांसद” बताया। उन्होंने कहा कि आरसी कॉलेज में कुल 720 छात्रों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 142 अनुपस्थित रहे। केवल तीन छात्र ही परीक्षा नहीं दे सके।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि मडिकेरी से आई एक छात्रा समय पर बस न मिलने के कारण देर से पहुंची, जबकि एक अन्य छात्रा के पास 3 मई की परीक्षा का एडमिट कार्ड था। आर.टी. नगर से आए एक छात्र के परीक्षा न दे पाने के कारणों की जांच की जा रही है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि केवल कुछ ही मामलों में समस्या सामने आई है और पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। वहीं विपक्ष का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही और कार्यक्रम प्रबंधन की वजह से छात्रों को परेशानी हुई।
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