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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी डॉ. मनोज शिरूरे की जमानत याचिका खारिज की

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी डॉ. मनोज शिरूरे की जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआई ने उन्हें केमिस्ट्री प्रश्नपत्र लीक का प्रमुख आरोपी बताया है।

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी डॉ. मनोज शिरूरे की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय सुनाया।

सीबीआई के अनुसार, डॉ. मनोज शिरूरे ने नीट-यूजी 2026 की रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने तीन छात्रों तक केमिस्ट्री के प्रश्न पहुंचाने में सक्रिय सहयोग किया। इन तीन छात्रों में एक आरोपी कोचिंग संस्थान संचालक का बेटा भी शामिल बताया गया है।

जांच के दौरान सीबीआई ने यह भी दावा किया कि इस पूरे षड्यंत्र में आरोपी पी.वी. कुलकर्णी ने डॉ. शिरूरे का साथ दिया। एजेंसी के मुताबिक, दोनों ने मिलकर छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की योजना को अंजाम दिया। सीबीआई का कहना है कि डॉ. शिरूरे की भूमिका केवल सहयोगी की नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आई है।

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अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और इस स्तर पर आरोपी को जमानत देना जांच को प्रभावित कर सकता है। इसी आधार पर कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।

गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई कर रही है और अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले को लेकर देशभर में छात्रों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली थी तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार उठ रही है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पता लगाने और इसमें शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में जुटी हैं।

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