भारत आदिवासी समाज के संघर्षों को सम्मान देता है: नितिन नबीन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सराहना की
नितिन नबीन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन आदिवासी समाज के संघर्ष और सम्मान का प्रतीक है तथा भारत की लोकतांत्रिक शक्ति दर्शाता है।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन सफर की सराहना करते हुए कहा कि उनका साधारण आदिवासी पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना भारत की लोकतांत्रिक शक्ति और सामाजिक सम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जीवन इस बात का प्रमाण है कि भारत अपने आदिवासी समाज के संघर्षों को न केवल समझता है, बल्कि उन्हें पूरा सम्मान भी देता है। उनके अनुसार, यह उपलब्धि देश में समानता और सामाजिक न्याय की मजबूत भावना को दर्शाती है।
नितिन नबीन ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू की सफलता यह संदेश देती है कि यदि किसी व्यक्ति में मेहनत और समर्पण हो तो वह किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकता है, चाहे उसका सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया।
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उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी समाज ने देश के इतिहास में हमेशा महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन लंबे समय तक उन्हें अपेक्षित सम्मान और अवसर नहीं मिले। राष्ट्रपति मुर्मू का सर्वोच्च पद तक पहुंचना इस दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है।
बीजेपी नेता ने कहा कि आज भारत सरकार और समाज दोनों ही आदिवासी समुदाय के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में उनके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
नितिन नबीन ने अंत में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जीवन सभी भारतीयों के लिए प्रेरणा है और यह देश की एकता, समावेशिता और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करता है।
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