CJI सूर्यकांत की मौजूदगी को लेकर विवाद के बीच NLSIU ने दीक्षांत समारोह किया रद्द
बेंगलुरु स्थित एनएलएसआईयू ने 2026 बैच का दीक्षांत समारोह अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला देते हुए रद्द कर दिया। छात्रों और पूर्व छात्रों ने सीजेआई की मौजूदगी पर आपत्ति जताई थी।
एनएलएसआईयू ने रद्द किया दीक्षांत समारोह
बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) ने 2026 में स्नातक होने वाले छात्रों का प्रस्तावित दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया है। विश्वविद्यालय ने इसके पीछे “अपरिहार्य परिस्थितियों” को कारण बताया है।
विश्वविद्यालय ने इससे पहले 3 अगस्त को छात्रों को ईमेल भेजकर जानकारी दी थी कि दीक्षांत समारोह 12 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। हालांकि, 27 अगस्त को जारी नई अधिसूचना में समारोह को रद्द करने की घोषणा की गई।
एनएलएसआईयू ने बताया कि सभी स्नातक छात्रों को संबंधित शासी निकायों से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद अनुपस्थिति में डिग्री प्रदान की जाएगी। छात्र अपने प्रमाणपत्र डाक के जरिए मंगवा सकेंगे या विश्वविद्यालय परिसर से स्वयं प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए छात्रों को जल्द ही विकल्प चुनने के संबंध में एक फॉर्म और प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाएगी।
सीजेआई सूर्यकांत के निमंत्रण का विरोध
दीक्षांत समारोह रद्द होने से पहले विश्वविद्यालय के छात्रों और पूर्व छात्रों के एक वर्ग ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और भारतीय बार काउंसिल (बीसीआई) के अध्यक्ष मानन कुमार मिश्रा को समारोह में आमंत्रित किए जाने का विरोध किया था।
संयुक्त बयान में छात्रों और पूर्व छात्रों ने सीजेआई की मौजूदगी पर असहमति जताई थी। उन्होंने नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों के प्रति समर्थन भी व्यक्त किया था। यह विवाद बीसीआई की ओर से 13 अगस्त को जारी किए गए एक आदेश से जुड़ा था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
एनएलएसआईयू के छात्रों और पूर्व छात्रों ने कहा कि नालसार के छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ वैधानिक संस्था द्वारा इस तरह की कार्रवाई शुरू किया जाना गंभीर विषय है।
संयुक्त बयान पर 2026 बैच के 165 स्नातक छात्रों, 409 मौजूदा छात्रों और 128 पूर्व छात्रों ने हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि बीसीआई ने नालसार से जुड़े सभी मामलों को बंद कर दिया है, लेकिन इससे पहले की कार्रवाई के व्यापक प्रभाव और जिम्मेदारी का मुद्दा खत्म नहीं होता।