लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 9 मार्च को होगी चर्चा
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव दिया है। इस पर 9 मार्च को चर्चा होगी और बिरला ने नैतिक आधार पर सदन की कार्यवाही से दूरी बना ली है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिस पर चर्चा 9 मार्च को बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन होने की संभावना है। इस बीच ओम बिरला ने “नैतिक आधार” पर सदन की कार्यवाही में शामिल न होने का फैसला किया है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि मंगलवार दोपहर 1:14 बजे नियम 94C के तहत स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार इस नोटिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। विपक्षी सांसदों ने स्पीकर पर “स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण” आचरण का आरोप लगाया है और दावा किया है कि विपक्ष के नेताओं, खासकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया।
नोटिस में चार घटनाओं का जिक्र किया गया है, जिनमें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने का आरोप शामिल है। राहुल गांधी ने 2020 के भारत-चीन गतिरोध का मुद्दा उठाते हुए पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला दिया था, जिसे स्पीकर ने स्वीकार नहीं किया।
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अविश्वास प्रस्ताव की सूचना मिलने के बाद ओम बिरला ने सदन के महासचिव को नोटिस की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी तय किया है कि प्रस्ताव के निपटारे तक वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे।
वहीं सत्तारूढ़ बीजेपी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पीकर का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा दोनों पक्षों को बोलने का अवसर देने की कोशिश की है।