डोवाल-रुबियो बैठक कभी नहीं हुई : भारत-यूएस व्यापार रिपोर्ट पर MEA ने मीडिया दावे खारिज किए
MEA ने स्पष्ट किया कि NSA अजित डोवाल और US सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो की कोई बैठक नहीं हुई। इस बीच भारत-यूएस व्यापार समझौते में प्रगति जारी है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने सितंबर में NSA अजित डोवाल द्वारा अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से कथित रूप से हुई गुप्त बैठक की मीडिया रिपोर्ट को “पूरी तरह निराधार” बताते हुए खारिज कर दिया। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब भारत-यूएस व्यापार वार्ता सुर्खियों में है।
गुरुवार (5 फरवरी) को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान MEA के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने स्पष्ट कहा, “ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट का कोई आधार नहीं है। न कोई बैठक हुई, न डोवाल का कोई दौरा हुआ।” रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यह दौरा भारत-यूएस संबंधों को सुधारने के उद्देश्य से था, लेकिन MEA ने पुष्टि की कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। जयसवाल की स्पष्ट टिप्पणी यह दिखाती है कि भारत विदेशी मीडिया के बिना पुष्टि के दावों के खिलाफ कड़ा रुख रखता है।
इस बीच, जयसवाल ने पीएम मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हाल की कॉल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने ट्रंप का धन्यवाद किया कि उन्होंने भारत में निर्मित वस्तुओं पर आपसी टैरिफ को 18% तक कम किया। यह समझौता हमारी अमेरिकी निर्यात क्षमता बढ़ाएगा और रोजगार, विकास तथा समृद्धि को गति देगा।”
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की हालिया वाशिंगटन यात्रा ने भी उत्साह बढ़ाया। उन्होंने रुबियो और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से मुलाकात की, और वार्ताओं को “उत्पादक और सकारात्मक” बताया। जयशंकर ने कहा, “ऐतिहासिक भारत-यूएस व्यापार समझौते की अंतिम रूपरेखा तैयार-जल्द पूरा होगा। द्विपक्षीय अवसर व्यापक होंगे, रणनीतिक और रक्षा सहयोग में भी गति मिलेगी।”
यूएस एंबेसडर सर्जियो गोर ने कहा कि जयशंकर की बैठकें “असीम संभावनाओं का संकेत” देती हैं।
इस स्पष्ट खंडन और व्यापार समझौते की प्रगति से किसी भी प्रकार की गलतफहमी या तनाव की अफवाह को नकारा गया, जबकि टैरिफ कटौती और खनिज सहयोग जैसे पहलुओं से भारत-यूएस संबंधों में मजबूत गति दिखती है।
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